जमीन पर बैठकर खाना खाने से बेहतर होती है पाचन शक्ति

भोजन के सही फायदे पाना चाहते हैं और बेहतर पाचन चाहते है तो जमीन पर बैठकर खाना खाएं । आयुर्वेद में भी जमीन पर बैठकर खाना खाने के फायदे बताया गया है । जमीन पर बैठकर खाना खाने के लिए आदमी पैर क्रॉस करके बैठता है जो की एक प्रकार का योगासन है । ये मुद्रा है सुखासन जो पाचन कके लिए अच्छी मानी जाती है । जमीन पर बैठकर खाना खाने के दौरान कौर लेने के लिए बार बार झुकना पड़ता है । बार बार ये प्रक्रिया दोहराने से मांसपेशियां सक्रीय होती है । जिससे पाचन वाले एसिड्स का बहाव तेजी से होता है और पाचनतंत्र आसानी से अपना कार्य करता है ।



कैलोरी पर नजर

जमीन पर बैठकर खाने से आप भोजन धीरे धीरे खाते है जिससे पूरा ध्यान आहार पर रहता है । ऐसे में आप सोच समझ कर पौष्टिक और नियंत्रित मात्रा में खाना खाते है। कम खाने की वजह से कैलोरी भी कम लेते है ।

ओवरइटिंग से बचाव

जमीन पर बैठकर खाने से आप अधिक खाने से बच सकते है । सुखासन में बैठने से दिमाग शांत रहता है ,ऐसे में पेट से दिमाग तक सन्देश पहुँचाने वाली नस दिमाग को तुरंत अहसास करा देती है की पेट भर गया है । इससे ओवरइटिंग भी नहीं होती ।

दिल रहता दुरुस्त

जमीन पर बैठकर खाने से शरीर में रक्त संचार आसानी से होता है । जिससे ह्रदय पर भार नहीं पड़ता और ये स्वस्थ रहता है ।

डायनिंग टेबल पर बैठकर खाने से रक्त संचार पैरों की ओर भी होता है ,जबकि खाते वक़्त पैरों को इसकी जरुरत नहीं होती ।

जमीन पर आराम से बैठकर खाना खाने से हार्ट अटैक का खतरा भी कम रहता है ।

पद्दासन में बैठने से कूल्हों ,पीठ के नीचे का हिस्सा और पेट के आसपास की मांसपेशियां में खिंचाव होने से शरीर लचीला बनता है और सुखासन में बैठने से दिमाग तनावमुक्त रहता है ।



जोड़ रहते है मजबूत

जमीन पर बैठने से घुटने ,टखने और कूल्हों के जोड़ लचीले बनते हैं । जब जोड़ों में लचीलापन आता है ,तो जोड़ों के बीच चिकनाई भी बनी रहती है ,जिससे उठाना बैठना आसान हो जाता है । आर्थराइटिस ,ऑस्टियोपोरोसिस जैसी हड्डियों की बीमारी से बचाव होता है ।

Post Author: swati mishra

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