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लगातार सिर दर्द का कारण सिर्फ तनाव ही नहीं और भी कई कारण हो सकते है

सिरदर्द ऐसा दर्द होता है जो सिर या शरीर के उप्परी हिस्से में शुरू होता है और बेचैनी का कारण बनता है । यह दर्द कपाल या मस्तिष्क के आसपास के उत्तकों या संरचनाओं से शुरू होता है क्योंकि यहाँ दर्द की संवेदना के लिए अलग तंत्रिकाएं नहीं होती है । सिरदर्द हलके दर्द , तीव्र दर्द ,स्पंदन के साथ दर्द ,स्थिर दर्द ,मध्यम दर्द व हलके से लेकर प्रचंड दर्द के रूप में सामने आ सकता है ।

सिरदर्द दो प्रकार के हो सकते है

1.   प्राइमरी सिरदर्द

इसमें मुख्यतः माइग्रेन ,तनाव के कारण होने वाला सिरदर्द व दुर्लभ क्लस्टर सिरदर्द तथा अन्य कम पाए जाने वाले सिरदर्द शामिल है । तनाव के कारण होने वाले सिरदर्द इस तरह के प्राइमरी सिरदर्द में सबसे अधिक पाए जाते है । तनाव वाला सिरदर्द अक्सर पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में अधिक होता है । तनाव (टेंशन ) के कारण होने वाले सिर दर्द में निम्नलिखित लक्षण पाए जाते है ।

नींद आने में परेशानी

लगातार थकान होना

एकाग्रता में बाधा

शरीर व मांसपेशियों में दर्द

ये होते है प्रभावित



माइग्रेन सिरदर्द वयस्कों के साथ साथ बच्चों को भी प्रभावित कर सकते है । किशोरावस्था से पहले , लड़के लड़कियां समान रूप से माइग्रेन के कारण होने वाले सिरदर्द से पीड़ित होते है , किशोरावस्था के बाद अधिकतर महिलायें इससे पीड़ित रहती है । माइग्रेन के लक्षणों में मध्यम से तीव्र स्पंदनों वाला सिरदर्द जो आमतौर पर सिर के एक तरफ होता है । इसमें जी मिचलाने व उलटी आने के शिकायत भी होती है । इससे पीड़ित लोगों को रौशनी या प्रकाश से भी परेशानी होती है ।

2.  सेकंडरी सिरदर्द

सेकंडरी सिरदर्द का कारण सिर या गर्दन में किसी संरचात्मक समस्या का होना भी हो सकता है । जिसके तहत संक्रमित दांतों के कारण होने वाले या संक्रमित साइनस के कारण होने वाले दर्द से लेकर मस्तिष्क में रक्त स्त्राव या एन्सेफ्लाइटीस (दिमाग की सुजन) या मेनिन्जाईटिस (दिमागी बुखार) जैसी जीवनघातक अवस्थाएं शामिल होती है । इस श्रेणी में ऐसा पीड़ादायक सिरदर्द भी आता है ,जिसमें चोट लगने के बाद सिर में असहनीय और तकलीफदेह दर्द होता है ।



इलाज: ऐसी दूर करे सिरदर्द

प्रायमरी सिरदर्द से राहत के उपाय

सबसे पहले पीड़ित को शरीर ढीला छोड़ना चाहिए ,फिर ध्यान केन्द्रित करने के साथ गहरी सांस ले ।

स्वस्थ जीवनशैली अपनाना चाहिए । इसमें शारीरिक गतिविधियाँ जैसे ब्रिस्क वाक को शामिल करें ,जिससे तनाव कम होता है ।

यदि किसी को गंभीर सिरदर्द है तो सबसे पहले तनाव व शोरगुल वाले वातावरण से दूर रहना जरुरी है ।

अपनी गर्दन व उपरी हिस्से की हलकी मालिश करें जिससे खून का दौरा ठीक हो जाए इससे भी तनाव कम होता है ।

डाइट में पौष्टिक चीजें शामिल करें । हरी सब्जियां और मौसमी फल लें ।

साधारण मौलिक सिरदर्द व भयानक सहायक सिरदर्द के बीच अंतर का पता लगना चाहिए ।

सिर में दर्द को हलके में ना लें हो सकता है घातक

‘भयानक सिरदर्द ‘की तरफ संकेत करने वाले तथ्य

 

Post Author: swati mishra

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