जाने स्मार्टफोन से जुड़े खास तथ्यों की सच्चाई

लोगों के मन में स्मार्टफोन को लेकर काफी तरह की शंकाए होती है । कुछ लोग सोचते हैं की स्मार्टफोन को जरुरत से ज्यादा चार्ज करने पर परेशानी हो सकती है । इस तरह के मिथकों की सच्चाई जानना आपके लिए काफी जरुरी हो जाता है ।




आज के समय में स्मार्टफोन हर व्यक्ति के लिए जरुरी हो गया है । इसके बिना आप किसी भी कार्य की कल्पना नहीं कर सकते है । पर जैसा की हर टेक्नोलॉजी के साथ होता है ,स्मार्टफोन को लेकर भी लोगों के दिमाग में कई तरह के भ्रम मौजूद होते है । कुछ को लगता है की जरुरत से ज्यादा चार्ज करने पर स्मार्टफोन की बेटरी को नूकसान होगा तो कुछ को लगता है की आपके फ़ोन की सुरक्षा के लिए स्क्रीन गार्ड जरुरी है ।

जानते है स्मार्ट फोन से जुड़े कुछ खास तथ्य के बारे में-

टास्क किलर से बढती है स्पीड

अधिकतर लोगों का मानना है की सभी एप्स को बंद करने के लिए टास्क किलर इस्तेमाल करने से आपके फ़ोन की स्पीड बढ़ जाती है लेकिन असलियत में होता यह है की जब आप इन एप्स को इस्तेमाल नहीं कर रहे होते है तो ये बैकग्राउंड में फ्रीज हो जाते है । ये बहुत कम मात्रा में मेमोरी काम में लेते है |ये रैम में केश्ड हो जाती है ,ताकि आप अगली बार इन एप्स को तेजी से ओपन कर सकें । इस्तेमाल में नहीं आने वाले एप्स को रैम से हटाने पर आपका फ़ोन स्लो हो जाता है ।

ज्यादा चार्जिंग से खराब होती है बैटरी
पूरी रात फ़ोन चार्जिंग पर लगाकर छोड़ने से कोई नुकसान नहीं होता है ,क्योंकि स्मार्टफोन को इस तरह से डिजाइन किया जाता है की जरुरत से ज्यादा चार्ज होने पर वे खुद को सुरक्षित कर सकें । आपका फ़ोन जैसे ही पूरा चार्ज होता है ,यह करंट रोक देता है ।

ज्यादा मेगापिक्सेल यानी बेहतर फोटो
स्मार्टफोन के कैमरे में ज्यादा मेगापिक्सेल होने का अर्थ यह नहीं है की फोटो या विडियो की क्वालिटी भी शानदार ही होगी । फोटो और विडियो की क्वालिटी के लिए कई अन्य चीजों का भी फर्क पड़ता है ।




स्मार्टफोन का वास्तविक चार्ज ही सही
ज्यादातर मॉडर्न स्मार्टफोन अच्छे यूएसबी चार्जर का इस्तेमाल करते है यानि आप कोई भी यूएसबी चार्जर कम में ले सकते है जो पर्याप्त पावर मुहैय्या कराता है |यदि आप ऐसा चार्जर इस्तेमाल करते है जो आपके पुराने चार्जर से ज्यादा पावरफुल है तो इसमें किसी तरह का नुकसान नहीं है |

मल्टी-कोर प्रोसेसर स्मार्टफ़ोन तेज है –
जब भी स्मार्टफ़ोन के प्रोसेसर की बात आये तो आपको इसकी क्वालिटी पर गौर करना चाहिए ,न की क्वांटिटी पर |यदि आप किसी स्मार्टफोन 8कोर प्रोसेसर की तुलना एप्पल आई फ़ोन 6 एस के ड्यूल कोर प्रोसेसर से करेंगे तो पता लगेगा की आईफोन तेज है |

स्मार्टफोन में ज्यादा वायरस होते है
कुछ खास कारणों से स्मार्ट फोन की मेल्वेयर के मामले में काफी खराब प्रतिष्ठा है |हालाँकि यह भी ध्यान रखना महत्वपूर्ण हा की केवल कुछ स्मार्टफोन ही है जो मेल्वेयर से प्रभावित होते है |यदि आप गूगल प्ले से अपने एप डाउनलोड कर रहे हो तो आपको चिंता करने की आवश्यकता नहीं है |




Post Author: Namastey World

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